पर्यावरण प्रदूषण के बारे में एक कहानी मशहूर है जो फ्रांस की जेन द ला फॉन्टेन द्वारा कही गई थी।
एक बार जंगल में महामारी फैलने पर राजा शेर ने सभी जानवरों की सभा बुलाई और उनसे महामारी का कारण पूछा। सभी जानवरों ने बारी-बारी से "मैं ज़िम्मेवार नहीं' जैसा उत्तर दिया। अंत में एक मरियल, पिद्दी से गधे की बात बारी आई और इससे पहले कि वह कुछ कहता - शेर गरजा कि "तू ही इस महामारी का ज़िम्मेदार है' और उछलकर उसका काम तमाम कर दिया। आज हम भी यही कर रह हैं, बिगड़ते पर्यावरण के लिए वाहनों से निकलने वाले धुएं को अपराधी मान रहे हैं और धड़ल्ले से जंगलों को काटते जा रहे हैं। बलिहारी है इस नासमझ शेर की !
Saturday, March 29, 2008
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1 comments:
we liked your effort.keep it up.
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